प्रदेश में रोडवेज बस संचालन में नोएडा डिपो नंबर वन

2020-21 में नोएडा डिपो प्रदेश भर में 116वें स्थान रहा था। 

नोएडा: वर्ष 2021-22 में बेहतर बस संचालन व कमाई करने के मामले में नोएडा डिपो ने सारे रिकॉर्ड तोड दिए हैं। पहली बार डिपो को रोडवेज बसों के बेहतर संचालन व राजस्व जमा करने के मामले में प्रदेश में पहला स्थान मिला है, जबकि 2020-21 में नोएडा डिपो प्रदेश भर में 116वें स्थान रहा था।

नोएडा डिपो की शुरुआत 2006 में हुई थी। शुरुआती दिनों में डिपो पर चंद सिटी बसों का संचालन होता था। उसके बाद धीरे-धीरे बसों की संख्या बढ़ती गई। डिपो बनने के बाद से सबसे ज्यादा 224 बसें वर्ष 2019 में चलाई गई थी। डिपो से रोडवेज बसों का संचालन नोएडा से सीधे लखनऊ, अयोध्या, रुद्रपुर, बुलंदशहर, हापुड, मेरठ, आगरा, एटा, सीतापुर, बरेली, बदायूं, बिजनौर समेत 21 रूटों पर होता है, लेकिन अब डिपो के पास 144 बसें ही रह गई है। शेष बसों की आयु 15 वर्ष से अधिक होने के चलते उन्हें सरेंडर कर दिया गया है। बीते दिनों ही 48 बसें सरेंडर की गई है। कोरोना के कारण 2020-21 में जहां नोएडा डिपो को कमाई के मामले में जहां तगड़ा झटका लगा था, 2021-22 में डिपो ने इसकी सारी भरपाई कर ली है। इसका खुलासा प्रदेश रैंकिंग में हुआ है। नोएडा डिपों की 144 बसों ने 20 लाख किमी तक यात्रा कर 8.19 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इसकी एवज में डिपो ने 7.05 करोड़ का राजस्व जमा किया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं, ग्रेटर नोएडा डिपो की 139 बसों ने विभिन्न 15 रूटों पर 14.59 लाख किमी सफर तय कर 6.10 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। ग्रेटर नोएडा डिपो ने 4.89 करोड़ राजस्व जमा किया, जो प्रदेश में आठवें स्थान पर रहा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक दूसरे स्थान पर बहराइच डिपों व तीसरे पर हापुड रहा है। वहीं नोएडा डिपो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह ने बताया कि नोएडा डिपो का 116 स्थान से पहले स्थान पर पहुंचना डिपो के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के लिए गर्व की बात है। प्रयास रहेगा कि नोएडा डिपो आगे भी पहले स्थान पर ही रहे।

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