ेउम्रकैद की सजा भुगत रहा कुख्यात बदन सिंह बद्दो पुलिस कस्टडी से फरार

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी थे शहर में, चप्पे-चप्पे पर तैनात थी पुलिस

मेरठ। उत्तर प्रदेश की जालौन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा एक लाख रुपये का इनामी बदमाश बदन सिंह बद्दो पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। गाजियाबाद कोर्ट में पेशी पर आए बद्दो ने पुलिसकर्मियों को शराब की दावत दी और उसमें बेहोशी की दवा मिलाकर फरार हो गया। गुरुवार को जिस समय यह घटना हुुई, उस समय मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक रैली में मौजूद थे।

जानकारी के अनुसार जालौन जेल से पेशी पर आया बदन सिंह बद्दो मेरठ के दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल होटल के कमरा नंबर 202 में खाना खाने के लिए रुका। वहां उससे मिलने करीब एक दर्जन लोग पहुंचे। उसी दौरान मिलने वालों के साथ उसने फरार होने का प्लान किया और एक दरोगा व पांच कांस्टेबलों की आंखों में धूल झोंक कर फरार होने में कामयाब हो गया। आरोपी के फरार होने की सूचना खुद दरोगा ने टीपी नगर थाने को दी। यह सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कई थानों की फोर्स और एसएसपी नितिन तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने होटल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली और पेशी पर साथ आए दरोगा रसराज त्यागी पुत्र जगन सिंह जिला अमरोहा थाना हसनपुर, संतोष कुमार पुत्र राम सहाय निवासी भगोरा उरई थाना कोतवाली जिला जालौन, कांस्टेबल राज कुमार पुत्र राम लखन ग्राम नोनापुर थाना भोगलीपुर कानपुर देहात, ओमबीर सिंह पुत्र रघुराज सिंह ग्राम बिलासपुर थाना कागरोल आगरा, सुनील पुत्र मुन्नी लाल निवासी ग्राम रस थाना सजति जिला कानपुर, आरक्षी चालक भूपेंद्र सिंह पुत्र ओमप्रकाश सिंह ग्राम पोस्ट कंजौली जिला हाथरस, और बदन सिंह बद्दो से मिलने आए जवाहर लाल, शीशपाल निवासी एटा, एहतेशाम निवासी कोतवाली जो सपा नेता बताया गया है को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने होटल मुकुट महल के 5 कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

एसएसपी ने जिले में हाई अलर्ट घोषित करते हुए जिले की सीमाओं पर सघन चेकिंग के आदेश दिए। बद्दो की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई। गिरफ्तार किए गए पुलिस वालों का यह जानकारी देना कि पेशी से वापस लौटते समय होटल में रूके थे। उसी दौरान करीब एक दर्जन लोग बदन सिंह बद्दो से मिलने आए और पुलिस को बंधक बनाकर बद्दो फरार हो गया। यह एक बड़ा सवाल है कि ऐसे पेशावर अपराधी को होटल के अंदर कमरा बुक करके ही क्यों रोका गया। पुलिस की मौजूदगी में एक दर्जन लोगों ने किसकी इजाजत से मुलाकात की। घटना के तुरंत बाद 100 नंबर पर या स्थानीय पुलिस को फोन पर तुरंत सूचना ना देकर थाने में जाकर बदमाश के फरार होने की सूचना देने मैं इतना समय क्यों बर्बाद किया।

गौरतलब है कि गुरुवार को मेरठ में प्रधानमंत्री की रैली थी। मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। पुलिस कस्टडी से फरार होगर बदन सिंह बद्दो ने उत्तर प्रदेश के मुखिया के इस ऐलान को भी खुली चुनौती दी। योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद बदमाश या तो जेल चले गए या फिर उनका स्वर्गवास हो गया। यह भी दिलचस्प है कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के मेरठ में मौजूद रहने के कारण पूरे जिले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। बावजूद इसके एक शातिर अपराधी पुलिस कस्टडी से फरार हो गया।

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