पंजाब विधानसभा चुनाव: ‘आप’ को छोड़ भाजपा के साथ जा सकते हैं बैंस बंधु

-भाजपा को भी पंजाब में इस बार ऐसे साथियों की जरूरत है जो पार्टी की मदद कर सकें क्योंकि यह पहला मौका है, जब भाजपा अकाली दल के बिना विधानसभा चुनाव में उतर रही है

चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति के जेम्स बॉन्ड के नाम से मशहूर बैंस बंधु क्या इस बार भाजपा से गठबंधन करेंगे? लोक इंसाफ पार्टी चला रहे बैंस बंधु इस बार भाजपा के साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने भाजपा के नेताओं से बातचीत भी की। बैंस बंधु तीन सीटों (लुधियाना साउथ, आत्म नगर और हल्का गिल) की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि बलविंदर सिंह बैंस और सिमरजीत सिंह बैंस ने 2012 के विधानसभा चुनाव में लुधियाना दक्षिण और आत्म नगर निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत गए। 2016 में उन्होंने लोक इंसाफ पार्टी का गठन किया और 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन किया। 5 सीटों पर चुनाव लड़ा दोनों भाइयों ने लुधियाना दक्षिण और आत्म नगर निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुनाव जीता। लेकिन इस बार बैंस बंधुओं का आम आदमी पार्टी से मोहभंग होता नजर आ रहा है।

बैंस बंधुओं की कोशिश है कि भाजपा के साथ गठबंधन किया जाए। यदि भाजपा के साथ उनका गठबंधन होता है तो इसका असर कई अन्य सीटों पर भी नजर आएगा। भाजपा को भी पंजाब में इस बार ऐसे साथियों की जरूरत है जो पार्टी की मदद कर सकें क्योंकि यह पहला मौका है, जब भाजपा अकाली दल के बिना विधानसभा चुनाव में उतर रही है।

तीन कृषि कानूनों के बाद पंजाब में भाजपा का विरोध है। भाजपा की कोशिश है कि इस विरोध को कम किया जाए । इसका एक तरीका यह भी है कि पंजाब की दूसरी सियासी पार्टियों के साथ गठबंधन कर उन्हें अपने पक्ष में किया जाए, ताकि उनके समर्थक भाजपा का भी समर्थन करें।

इंस्टीट्यूट ऑफ मासकम्युनिकेशन एंड पब्लिक रिलेशन के डायरेक्टर डाक्टर हरपाल सिंह संधू का मानना है कि बैंस बंधु लुधियाना में तो अपनी जबरदस्त पकड़ रखते है। अकाली सरकार के वक्त दोनो भाईयों ने सरकार को माइनिंग और नशे के मुद्दे पर जबरदस्त तरीके से घेरा था।

आम आदमी पार्टी भी पंजाब में नशा और अवैध माइनिंग के खिलाफ बोलती रही है, इस लिए बैंस बंधुओं ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया था, लेकिन बाद में दोनों के संबंधों में खटास आ गई। इस बार उनकी कोशिश भाजपा के साथ जाने की है। यह भाजपा के लिए भी अच्छा होगा कि उन्हें एक ऐसा साथी मिल रहा है जो पंजाब की राजनीति में खासा मुखर माना जाता रहा है।

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