रामानंद सागर के सीरियल रामायण में रावण का किरदार निभा चुके अरविंद त्रिवेदी की हार्ट अटैक से मौत

अरविन्द त्रिवेदी का अंतिम संस्कार बुधवार सुबह 8 बजे हुवा

1987 में दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले रामानंद सागर के बेहद लोकप्रिय पौराणिक सीरियल ‘रामायण’ में रावण का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरविंद त्रिवेदी का मंगलवार की रात को हार्टअटैक से निधन हो गया. वह 82 साल के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी तमाम बीमारियों से जूझ रहे थे.

कब होगा अंतिम संस्कार

अरविंद त्रिवेदी के भतीजे कौस्तुभ त्रिवेदी ने न्यूज़ चैनल से फोन पर अपने चाचा अरविंद त्रिवेदी की मौत की पुष्टि करते हुए कहा, “चाचाजी पिछले कुछ सालों से लगातार बीमार चल रहे थे. पिछले 3 साल से उनकी तबीयत कुछ ज्यादा ही खराब रहने लगी थी. ऐसे में उन्हें दो-तीन बार अस्पताल में भी दाखिल कराना पड़ा था. एक महीने पहले ही वो अस्पताल से एक बार फिर घर लौटे थे. मंगलवार की रात 9-9.30 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने कांदिवली स्थित अपने घर में ही दम तोड़ दिया.”कौस्तुभ त्रिवेदी ने आगे कहा की उनके चाचा का अंतिम संस्कार सभी रीती रिवाजों के साथ बुधवार सुबह 8 बजे कर दिया जायेगा।

अरविंद त्रिवेदी ने निभाए कितने किरदार

सीरियस रामायण मे रावण का किरदार निभाते वक्त शायद उन्होंने कभी सोचा नहीं था की लोग उनके किरदार से इतने प्रभावित हो जायेंगे की वो सच मूछ मे अरविन्द को रावण या विलेन समझने लगेंगे। ‘रामायण’ में काम करने से पहले गुजराती के सैंकड़ों नाटकों और फिल्मों में अभिनय कर चुके अरविंद त्रिवेदी को इस बात की भी कल्पना नहीं की थी की ये किरदार उन्हें देशवापी अभिनेता बना देगा।

‘रामायण’ के बाद अरविंद त्रिवेदी ने ‘विक्रम और बेताल’ के अलावा कई और हिंदी सीरियल्स और फिल्मों में भी काम किया. मगर आज भी उन्हें रामानंद सागर की ‘रामायण’ में पुरअसर अंदाज में निभाए अपने रावण के किरदार के‌ लिए जाना जाता है. उन्होंने 300 से भी अधिक गुजराती और हिंदी फिल्मों में मे अपना जलवा बिखेरा।

 

अगर आपको ज्ञात ना हो तो हम बता दे की bjp ने ही रावण यानि अरविन्द त्रिवेदी को सबरकाठा से टिकट दिया परन्तु मजे की बात तो ये ह की रावण होने के बावजूद भी अरविन्द लोक सभा सीट के लिए जीत गए. . वह 1991 से 1996 तक लोकसभा के सांसद रहे. अरविंद त्रिवेदी के भाई उपेंद्र त्रिवेदी भी गुजराती रंगमंच और सिनेमा‌ के एक जाने-माने अभिनेता थे.

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