RRB NTPC 2019 Results Out: सरकार पर लगे धांधली के आरोप, छात्र और शिक्षक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार

क्यों BJP सरकार नहीं देना चाहती सरकारी नौकरी? Bjp के सत्ता मे आते ही क्यों अनएम्प्लामेंट का डर सताने लगता है

14 जनवरी 2022 को rrb ntpc का रिजल्ट जारी किया गया. जिसमे से अलाहबाद और मुजफ्फरपुर जोन का रिजल्ट अभी तक अनाउंस नहीं हुवा है. पर जहाँ जहाँ बच्चों ने रिजल्ट देखा है वें भी खुश नहीं है. कुछ राज्यों में तो कट ऑफ 92 तक चला गया है.

rrbcdg.gov.in result 2021:rrb ntpc result 2022 cen 01/2019 different levels of various phases out on rrbcdg.gov.in.railway recruitment board has released the non-technical popular categories rrb ntpc result 2021 cbt 1 for various posts.

The exams were held between December 28, 2020 to Jul 31, 2021. RRB on August 16 had released the exam answer key, question paper and candidate’s response sheet. Candidates were also provided the opportunity to raise objection against any responses between August 18 to 23, 2021.

 तो क्यों उठा रहे हैं छात्र सरकार पर सवाल कि  रिजल्ट में धांधली की है

सरकार और रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड पर सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि एक ही बच्चे ने 5-5 पोस्ट के लिए क्वालीफाई किया है जबकि दूसरे बच्चों को कोई मौका ही नहीं दिया गया. एक ही बच्चा 5 पोस्ट पर काम कैसे कर सकता है. जहां सरकार को 35000 वैकेंसीया भरनी थी अब इस पेत्रे की वजह से सरकार सिर्फ 7000 रिक्रूटमेंट करके अपना पीठ थपथपाना चाहती है. यहाँ पर एक ही बच्चे को पांचो सीट के लिए क्वालीफाई कराया जाने का कारण है cbt2 के एग्जाम मे कम से कम बच्चों को बैठने का मौका देना.

 इतनी लेट लतीफ क्यों है इंडिया की एजुकेशन व्यवस्था

इंडिया में जितनी लगन और मेहनत से लोग इलेक्शन लड़ते और मीडिया उस को कवर करती है अगर उतनी लगन से एजुकेशन व्यवस्था पर ध्यान दे जाती तो आज इंडिया की हालत कुछ और होती. एक तो पहले ही अनइंप्लॉयमेंट दर अब तक के अपने सबसे बुरे वक्त में चल रहा है. देश में बेरोजगारों की कमी नहीं है. वहीं सरकार सबकुछ प्राइवेटाइजेशन करने पर तुली हुई है. बीजेपी गवर्नमेंट के सत्ता में आते ही लोगों को पहला डर यही सताता है कि अब उन्हें सरकारी नौकरियां नहीं मिलेगी.

और ये डर कहीं ना कहीं सत्य भी है, कि बीजेपी के सरकार बनाते ही सबसे पहला प्रहार नौकरियों पर ही किया जाता है. अब आप rrb ntpc को ही ले लीजिये, इस की वैकेंसी आई थी साल 2019 मे और फॉर्म भी भराए थे, एग्जाम हुवा 2020 और 21 में, रिजल्ट आते-आते आ गया 2022. छात्रों के इतने लंबे उपवास के बाद भी धांधली की गई रिजल्ट में, और 35000 की जगह 7000 को ही नौकरी देने का प्लान किया गया. मजेदार बात तो यह है कि यह सिर्फ पहला ही लेवल था एग्जाम का, इसके बाद से cbt -2, टाइपिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जैसे दो-तीन पड़ाव और बाकी है जिन को पूरा होते होते ना जाने और कितने साल लग जाएंगे.

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