रूस से गैस का आयात होगा बंद, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने किया फैसला

-अमेरिका व यूरोपीय देशों ने 'टास्क फोर्स' बनाने की घोषणा भी की

नई दिल्ली, एजेंसी। रूस-यूक्रेन युद्ध के 30वें दिन भी रूसी सेना की ओर से लगातार बमबारी की जा रही है। दूसरी ओर नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) ने कल यह साफ कर दिया है कि वह इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा लेकिन यूक्रेन की मदद करना जारी रखेगा।

अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस के ईंधन पर यूरोप की निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से एक टास्क फोर्स की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर जर्मनी भी रूस से अपनी ऊर्जा खरीद में भारी कमी करने जा रहा है। जानकारी के अनुसार वह जून तक तेल आयात को आधा कर देगा और कोयले का आयात पूरा समाप्त कर देगा।

दूसरी ओर आज पड़ोसी देश पाकिस्तान में इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 28 मार्च तक टल गया है। जानकारी के अनुसार इमरान की पार्टी के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है और उसका गिरना लगभग तय है। वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद ने भी इसका अंदेशा जता दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अनिश्चितता को खत्म करने के लिए पाक में जल्द चुनावों का ऐलान हो सकता है।

लगातार वार्ता से ही चीन-भारत LAC मामला होगा हलः जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज अपने चीनी समकक्ष के साथ बैठक के बाद कहा कि दोनों देशों में द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई है और आगे भी यह जारी रहने वाली है। उन्होंने साथ ही दोनों देश की वर्तमान स्थिति को वर्क इन प्रोग्रेस करार दिया। जयशंकर ने कहा कि ऐसी वार्ता को और आगे ले जाने की आवश्यकता है क्योंकि LAC पर शांति के लिए यह आवश्यक है।

रूसी हमले में मारियोपोल तहस -नहस

रूसी सेना ने यूक्रेन के मारियोपोल पर हमलों की बौछार कर खंडहर में तबदील कर दिया है। यूक्रेन में अब भीषण गोलाबारी में लगभग 100,000 लोग बिना भोजन, पानी के फंसे हुए हैं। दूसरी ओर चेचन नेता रमजान कादिरोव का दावा है कि रूसी सेना ने सिटी हाल पर कब्जा कर लिया है।

डब्ल्यूटीओ महानिदेशक ने यूक्रेन-रूस युद्ध पर जताई चिंता

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के महानिदेशक नोगोजी ओकोन्जो-इवेला ने आज यूक्रेन-रूस युद्ध पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कि यूक्रेन में स्थिति के परिणामस्वरूप खाद्य कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो गरीब देशों में कुपोषित लोगों के बीच अशांति पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस साल और अगले साल दुनियाभर में खाद्य कीमतों पर प्रभाव काफी बढ़ सकता है।

रूस के सांसदों समेत रक्षा कंपनियों पर अमेरिका का बैन

अमेरिका ने आज रूस के सांसदों समेत रक्षा क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों पर बैन लगा दिया है। बाइडन ने कहा कि युद्ध के चलते यूरोपीय संघ और हमारे सहयोगियों और भागीदारों द्वारा किए गए उपायों के साथ जुड़ने के लिए 400 से अधिक अतिरिक्त रूसी व्यक्तियों, संस्थाओं पर अमेरिका न प्रतिबंध लगाया है। इनमें ड्यूमा (रूस का संसद का निचला सदन) और उसके 328 सदस्य, दर्जनों रक्षा कंपनियां शामिल है।

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