सबसे ज्यादा आतंकवादी गतिविधियां पाकिस्तान में ही होती हैंः अली मंजर

बाबा मजार के करीब विरोध प्रदर्शन किया गया तथा सूरह फातिहा पढ़कर एवं 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि पेश की गई।

प्रणय तिवारी

जौनपुर: पाकिस्तान के पेशावर शहर में नमाजे जुमा में एक शिया मुसलमानों की मस्जिद में हुए बम ब्लास्ट में इमामे जुमा समेत 56 नमाजियों की शहादत इंसानियत पर बड़ा कलंक है। पेशावर में हुई इस वीभत्स घटना पर विरोध जताने के लिए शेख नूरूल हसन मेमोरियल सोसाइटी ने रोडवेज तिराहा के निकट हजरत लुक्का शाह बाबा मजार के करीब विरोध प्रदर्शन किया गया तथा सूरह फातिहा पढ़कर एवं 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि पेश की गई। उपस्थित जनों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जो आतंकवाद पर काबू पाने में नाकाम है। शेख नूरूल हसन मेमोरियल सोसाइटी के प्रबंध सचिव अली मंजर डेजी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद पाकिस्तान सरकार को सख्त नोटिस दे। वहां मानवाधिकार का खुला उल्लंघन हो रहा है। वहां के अल्पसंख्यक विशेषकर शिया समुदाय की जान माल सुरक्षित नहीं है। विरोध प्रदर्शन में उपस्थित जनों ने शहीद हुए लोगों के लिये सुर-ए-फातिहा पढ़ा। इस अवसर पर हजरत लुक्का शाह बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष एएम डेजी, मोहम्मद शमीमुल हसन, मोहम्मद हैदर, अफरोज खान, शाहनवाज खान, हफीज मुजावर, कलीम खान, बबलू खान, दिलनवाज, चंचल गुप्ता, सुभाष चंद्र गौतम, अनिल मौर्य, टोनी सिंह, गोरख, सत्यम यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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