सड़क सुरक्षा व प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान देंगे एमएलओ उर्फ डीटीओ

-दिल्ली परिवहन विभाग के सभी मोटर लाइसेंस अधिकारी (एमएलओ) कहलाएंगे जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ)

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मोटर लाइसेंसिंग अधिकारियों (एमएलओ) को अब जिला स्तरीय अधिकारी का दर्जा दिया गया है। एमएलओ, जिन्हें अब जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) के रूप में जाना जायेगा, को अब जिला स्तर पर परिवहन संबंधी सभी कर्तव्यों को निभाने के लिए अधिकृत किया गया है। दिल्ली के परिवहन विभाग ने इस साल अगस्त में फेसलेस होने के बाद इस संबंध में बदलाव का प्रस्ताव रखा था।

स्वीकृत आदेश के अनुसार, पूर्व एमएलओ को अब डीटीओ कहा जाएगा। हालांकि, उनका वेतनमान और सेवा की अन्य शर्तें समान रहेंगी। डीटीओ परिवहन विभाग के क्षेत्रीय उपायुक्तों के निर्देशन और नियंत्रण में कार्य करेंगे। डीटीओ का अधिकार क्षेत्र राजस्व जिलों के साथ सह-सीमावर्ती होगा, और वे क्षेत्र के कामकाज में बेहतर समन्वय के लिए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के साथ मिलकर काम करेंगे।

सभी डीटीओ अब परिवहन विभाग के सभी फील्ड कार्यों के निर्वहन के लिए जिम्मेदार होंगे। इसमें सार्वजनिक सेवाएं जैसे पंजीकरण और डीएल संबंधित गतिविधियां, प्रवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण गतिविधियां, परिवहन संपत्ति प्रबंधन, मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल, सार्वजनिक परिवहन आदि शामिल हैं। डीटीओ यह सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण होंगे कि सड़क सुरक्षा के मुद्दों को प्रशिक्षण और कार्यान्वयन के स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से निपटाया जाए। ।

कैलाश गहलोत ने डीटीओ को बधाई दी और कहा, “मैं सभी डीटीओ और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बधाई देता हूं। हमारे सभी (तत्कालीन) एमएलओ परिवहन विभाग की सार्वजनिक सेवाएं आम लोगों को मुहैय्या कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। जब हमने फेसलेस सेवाएं शुरू कीं, उन्होंने इसे सफल बनाने के लिए अतिरिक्त घंटे काम किया। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है जो एमएलओ और एमवीआई के पूरे कैडर को दी जा रही है और मुझे विश्वास है कि वे पूरे विभाग के लिए एक उदाहरण स्थापित करेंगे”

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