सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोरोना इलाज में बदइंतजामी से मेडिकल स्टाफ खफा

-यूनिवर्सिटी स्टाफ ने खोली पोल, प्रसपा नेता शिवपाल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

इटावा, (नीलकमल)। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोरोना इलाज में बदइन्तजामी को लेकर मंगलवार को यूनिवर्सिटी स्टाफ का गुस्सा फूट पड़ा। यूनिवर्सिटी के डॉक्टर और कर्मियों ने रजिस्ट्रार का घेराव कर अपनी मांगों को रखा और तत्काल सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये कहा।

स्टाफ के लोगो ने रजिस्ट्रार का घेराव कर कहा कि यूनिवर्सिटी में न तो पर्याप्त मास्क है, न ग्लव्स है और न सेनेटाइजर यहाँ तक की हाथ धोने के लिये हैंडवाश तक उपलब्ध नही है। ऐसे में कोरोना गाइडलाइन का पालन और यूनिवर्सिटी में आने वाले कोरोना के मरीजो का इलाज कैसे होगा।

स्टाफ ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी वार्ड को मरीजो का होल्डिंग एरिया बना दिया गया ही जो कि वहाँ काम करने वालो के लिये घातक है। स्टाफ के लोगों ने रजिस्ट्रार का घेराव कर कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही के चलते प्रतिदिन यूनिवर्सिटी में 3से 4 लोग कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं और अगर स्टाफ के लिये पर्याप्त उपाय नही किये गए तो पूरा स्टाफ प्रभावित हो सकता है।

स्टाफ का आरोप है कि यूनिवर्सिटी में एक्सरे मशीन, एबीजी मशीन, ईसीजी मशीन इत्यादि उपकरण लंबे समय से खराब पड़े जिनको ठीक कराने के लिए कई -कई बार कहा जा चुका है मगर, कोई कार्यवाही नही हुई। इसके कारण मरीजो के इलाज में भारी असुविधा हो रही है।

बदइन्तजामी का आलम ये है कि स्टाफ के कोरोना पॉजिटिव होने पर यूनिवर्सिटी अस्पताल से बाहर जाकर इलाज कराना पड़ रहा है। डॉक्टर और स्टाफ ने कहा कि हम अपनी जान हथेली पर लेकर मरीजो का इलाज कर रहे है फिर भी प्रशासन हमारी सुरक्षा पर ध्यान नही दे रहा है।

रजिस्ट्रार का घेराव कर रहे यूनिवर्सिटी स्टाफ ने कुलपति को संबोधित मांग पत्र सौप कर मांग की है कि स्टाफ को मूलभूत सुविधाएं जैसे ग्लव्स,पीपीई किट, मास्क, हैंडवाश, सेनेटाइजर इत्यादि पर्याप्त मात्रा में तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही मेडिकल उपकरण एबीजी, ईसीजी, एक्सरे, टीआरओपी आदि मशीनों तत्काल सही कराया जाए ताकि मरीजो का इलाज हो सके। कोरोना संक्रमित स्टाफ के लिये अलग वार्ड बनाया जाए जिससे उनका प्राथमिकता के आधार पर इलाज हो सके।

यूनिवर्सिटी कैम्पस के कोविड और नॉन कोविड एरिया को सुरक्षा की दृष्टि से कवर किया जाए। उन्होंने मांग की है कि कोविड और नॉन कोविड बेड को अलग अलग किया जाए ताकि अन्य लोगो मे संक्रमण न फैल सके। स्टाफ ने मांग की है कि यदि इन मांगों को 24 घंटे के अंदर नही माना जाता है तो वो हड़ताल के लिये बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी प्रशासन की होगी।

प्रसपा मुखिया शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने सैफ़ई आयुर्विज्ञान संस्थान सैफ़ई में कोविड चिकित्सा केंद्र में मरीज़ों और स्टाफ के प्रति बरती जाने वाली लापरवाही, उदासीनता, चिकित्सा केंद्र में व्याप्त भर्ष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।

पत्र में सैफ़ई पी जी आई में ऑक्सीजन की कमी, रेमडिसिविर इंजेक्शन की कमी, चिकित्सा केंद्र में पर्याप्त मात्रा में मास्क, सेनिटाइजर, पी पी ई किट का न होने के चलते पी जी आई में कर्मचारियों एवं डॉक्टर्स की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।

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