200 रुपए की दिहाड़ी कमाकर बॉडी बिल्डिंग कम्पटीशन में उतरने वाले मूक बधीर युवक जीशान के जज्बे को सलाम

 

रिपोर्ट-रवि डालमिया

राजधानी दिल्ली के मयुर विहार में बॉडी बिल्डिंग स्पोर्ट एसोसिएशन ने आयोजित की मैन ऑफ स्टील प्रितयोगिता लड़कियों के साथ राजस्थान से आए मूक बधिर युवक ने प्रतियोगिता में खींचा सबका ध्यान ना बोल सकता है ना सुन सकता लेकिन जज्बा है काबिले तारीफ।

दिव्यांग कैटेगरी में भाग लेने वाले जीशान रहे आकर्षण का केंद्र

कोरोना की रफ्तार दिल्ली में धीमी पड़ने के बाद जीवन धीरे ही सही लेकिन पैरी पर लौट रहा है कोरोना सबसे ज्यादा मार झेलने वाली फिटनेस इंडस्ट्री में भी रौनक लौट रही है आज मयुर विहार में बॉडी बिल्डिंग स्पोर्ट एसोसिएशन द्वारा मैन ऑफ स्टिल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दिल्ली के अलावा मध्यप्रदेश महारष्ट्र राजस्थान व अन्य राज्यो से आए सेकड़ो लोगो ने हिस्सा लिया प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण फीमेल कैटेगरी ओर दिव्यांग कैटेगरी में भाग लेने वाले जीशान रहे जीशान मूक बधिर है जो ना तो बोल सकते है ना ही सुन सकते है लेकिन उनका जज्बा किसी भी अन्य व्यक्ति से कम नही जीशान के ट्रेनर कैलाश ने बताया कि जीशान के मूक बधिर होने की वजह से उसे ट्रेनिंग के दौरान इशारों से समझया जाता है वह इस फील्ड में ही अपना कैरियर बनाना चाहता है इतना ही नही बताया गया है जीशान बहुत गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है और 200 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी कर अपना खर्च चलाता है जीशान की कहानी सुन सभी ने उसके जज्बे को सलाम किया।

7 राज्य के युवाओं ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया

संस्था के अध्यक्ष वीर बोहित ने कहा कि कोरोना के बाद वह लगातार प्रतियोगिता का आयोजन कर जिनमे युवाओं का उत्साह बढ़चढ़कर देखने को मिल रहा है वीर बोहित ने बताया 7 राज्य के युवाओं ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया वीर बोहित ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से संस्था प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है जिसमे दिव्यांग भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेते है वही आयोजन में हिस्सा लेने आई बॉडी बिल्डिंग में मिस यूनिवर्स का खिताब जीत चुकी मिस क्वीन ब्रागवा ने कहा कि पहले इस खेल में लड़कियां नही आती थी और परिवार भी अनुमति नही देता था लेकिन अब जमाना बदल रहा है और लड़कियां भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही है उम्मीद है आने वाले समय मे फिटनेस इंडस्ट्री एक बार फिर बुलंदियों को छुएगी।

Comments are closed.