साप्ताहिक बाज़ार खोले जाएं, लाखों लोगों की रोजी-रोटी का सवाल है : आदेश गुप्ता

-कोविड काल के बाद दिल्ली के बाज़ार और मॉल खोलने के बाद साप्ताहिक बाज़ारों को भी मिलनी चाहिए राहत

नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली के साप्ताहिक बाज़ार लगाने की इजाजत देने की मांग करते हुए कहा कि लाखों लोगों की रोजी-रोटी का सवाल है। उनके घर में खाने के लाले पड़े हुए हैं। गुप्ता ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली के लगभग 2700 साप्ताहिक बाज़ारों को बंद कर दिया गया था, लेकिन अब कोरोना के मामले कम होने पर लगभग सभी कुछ खोल दिया गया है तो साप्ताहिक बाज़ार के माध्यम से रोजी-रोटी कमाने वालों के बारे में न सोचना उनके प्रति अन्याय है।

उन्होंने कहा कि कोविड काल के बाद अब दिल्ली के बाज़ार और मॉल खोल दिए गए हैं और वहां स्थिति सामान्य होती जा रहे हैं तो सप्ताहिक बाज़ारों को भी राहत मिलनी चाहिए।आदेश गुप्ता ने कहा कि सभी प्रमुख बाज़ारों में साप्ताहिक अवकाश के दिन लगने वाले इन बाज़ारों को भी कोविड नियम के पालन के साथ खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन बाज़ारों में व्यापार करने वाले छोटे व्यापारी है और काम धंधा पूरी तरह से बंद हो जाने से उनके सामने घर चलाने का संकट बढ़ता जा रहा है। लोगों के खर्चें तो कम नहीं हुए हैं, उल्टे आमदनी बंद हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से वायदा किया था कि किराये के मकान में रह रहे किरायेदारों के मकान का किराया दिल्ली सरकार देगी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जबकि साप्ताहिक बाज़ार लगाने वाले लगभग सभी लोग किराये के मकान में रहते हैं।

गुप्ता ने कहा कि ऐसे तबको के बिजली बढ़े हुए बिल आ रहे हैं, वह भी गलत हैं। इतना ही नहीं उन्हें साफ पानी पीने के लिए नहीं मिल पा रहा है। इस समय भी बाजारों में काफी भीड़ देखी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद भी रेहड़ी-पटरी वालों को कामकाज करने की अनुमति ना देना। 3.50 लाख परिवार जिनमें गरीब, मध्यमवर्गीय और मजदूरवर्गीय परिवार के ऊपर रोजी रोटी का संकट आ चुका है। ऐसे में सरकार को साप्ताहिक बाज़ार खोलने का फैसला लेना चाहिए।

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