सारे पापों का निवारण मात्र प्रभु का नाम है : कर्मयोगी परमहंस

-मछली शहर में आयोजित राम कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम

मछली शहर। क्षेत्र के श्री जटाधारी महादेव भुवाकला खपरहां में पित्रविसर्जन के अवसर पर बुधवार को श्री राम कथा का आयोजन किया गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ आया। वहीं, श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कर्म योगी बाबा परमहंस स्वामी ने भगवान के नाम का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि संसार में पाप ज्यादा हो गया, पर वह भगवान का नाम लेने मात्र से ही कट जाएंगे। इस पाप को खत्म करने के लिए कलियुग में प्रभु का नाम लेने के सिवाय कोई और उपाय भी नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, नाम में भी एक भ्रम यह है कि अयोध्या वासी सीता-राम के गुण गायेंगे ,वृन्दावन वासी कृष्ण के गुण गायेंगे, काशी वाले शंकर के गुण गायेंगे तब जिज्ञासु भ्रम में पड़ जाता है कि किसका नाम ठीक है? किसका गुण गाया जाए? वे तो सब अपनी -अपनी जगह ठीक ही गुण गाते हैं, जो नाम आपको प्यारा लगे, उसी एक को पकड़ विश्वास कर लीजिए। पर सभी जगह मन को मत भटकाईये। एक पर ही मन को पूरा एकाग्र कर लीजिये।

कर्मयोगी बाबा ने एक दोहा बोलते हुए कहा , कलि केवल मल मूल मलीना पाप पायोनिधि जन मन मीना यानी मनुष्यों का मन मछली है और यह संसार पाप का समुद्र है जैसे मछली जल के बिना नहीं रह सकती, उसी प्रकार मनुष्य भी पाप किए बिना नहीं रहता है। इसलिये भगवान के नाम की महिमा कलियुग के लिये विशेष बताई गई है। पर अन्दर में भाव होना चाहिए। इस अवसर पर यज्ञाचार्य क्रोधानंद महाराज, (अयोध्याधाम), सांन्तानंद महाराज (ऋषिकेश धाम) रमापत शास्त्री महाराज ,हृदय नारायण उपाध्याय महाराज,संत सेवक बाबा, विशाल यजमान राजनाथ चौबे सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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