‘सरकारु वारी पाटा’ का हश्र देख महेश बाबू के बदले सुर, बोले-हिंदी फिल्म करने से एतराज नहीं

-शुक्रवार का दिन महेश बाबू की नई फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ के धड़ाम हुए कलेक्शन को लेकर चर्चाओं के नाम रहा

नई दिल्ली। दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता महेश बाबू की नई तेलुगू फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ ने गुरुवार को अपनी रिलीज के पहले ही दिन धमाकेदार ओपनिंग की। इस के साथ ही यह फिल्म आंध्र प्रदेश और निजाम फिल्म वितरण क्षेत्रों में ‘आरआरआर’ के बाद ऐसा करने वाली दूसरी फिल्म बन गई। मगर, रिलीज के दूसरे ही दिन फिल्म का कलेक्शन आधे से भी बहुत नीचे आने के बाद अभिनेता महेश बाबू के सुर शुक्रवार को बदले दिखाई दिए। अब वह कह रहे हैं कि उन्हें हिंदी सिनेमा से परहेज नहीं और वह भी हिंदी फिल्म करना चाहते हैं।

दरअसल, अपनी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी जी महेश बाबू एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘मेजर’ के ट्रेलर लॉन्च पर देश भर से जुटे पत्रकारों के सामने अपनी शेखी बघारने की कोशिश में महेश बाबू ने अपना पांव खुद कुल्हाड़ी पर मार लिया है। जो कुछ उन्होंने बोला और जिस अंदाज में बोला सब कैमरे पर रिकॉर्ड हो चुका है। अब वह कह रहे हैं कि ये सब वह मजाक में बोल रहे थे। देश भर के पत्रकारों को महेश बाबू ने हैदराबाद में चुटकुले सुनाने के लिए बुलाया था, ये बात सामने आने पर उन्हें लेकर हिंदी फिल्म जगत में और चुटकुले बनने लगे हैं। फिलहाल, शुक्रवार का दिन महेश बाबू की नई फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ के धड़ाम हुए कलेक्शन को लेकर चर्चाओं के नाम रहा।

फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ ने 12 मई को अपनी रिलीज के पहले दिन पूरे देश में 47.40 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन (कमाई) किया था। फिल्म के ग्रॉस कलेक्शन (टिकटों की बिक्री) को लेकर गुरुवार की देर रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक खूब दावे हुए। तमाम नए पुराने रिकॉर्ड निकालकर उनके हिसाब से फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ की कामयाबी के किस्से भी बुने गए। लेकिन, शुक्रवार ने फिल्म के मेकर्स के उत्साह पर पानी फेर दिया। शुक्रवार की रात मिले शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक महेश बाबू की फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ ने रिलीज के दूसरे दिन ही मैदान छोड़ने के संकेत दे दिए हैं।

फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ ने शुक्रवार को पूरे देश में सिर्फ 16.50 करोड़ की कमाई शुरुआती आंकड़ों के हिसाब से की है। ये इसके गुरुवार के कलेक्शन की करीब एक तिहाई के करीब है। किसी फिल्म के कलेक्शन में एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट अपने आप में एक रिकॉर्ड है। फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ का शुक्रवार का जो हाल हुआ, उसने फिल्म के हीरो महेश बाबू की भी घंटी बजा दी है। बताया जा रहा है कि फिल्म के अंग्रेजी सब टाइटल्स के साथ जो भी प्रिंट आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बाहर रिलीज हुए हैं, उनका कलेक्शन शुक्रवार को काफी कम रहा है। महेश बाबू भी अब अपने करीबियों से कह रहे हैं कि उन्हें हिंदी सिनेमा से कोई दिक्कत नहीं और वह हिंदी फिल्म करने को भी तैयार हैं।

मशहूर अभिनेता कृष्णा के बेटे और अभिनेता रमेश बाबू के छोटे भाई महेश बाबू का पूरा नाम घट्टामनेनी महेश बाबू है। नानी के पास उनका बचपन बीता और अधिकतर समय वह चेन्नई में ही रहे। बहुत चुनिंदा फिल्मों में काम करने वाले महेश बाबू का नाम उत्तर भारतीय दर्शकों के बीच तब चर्चा में आया, जब उनकी सुपरहिट फिल्म ‘पोकिरी’ को सलमान खान ने हिंदी में ‘वांटेड’ के नाम से बनाया। 46 साल के हो चुके महेश बाबू की खासियत ये है कि तमाम निर्देशकों के कहने के बाद भी उन्होंने कभी ‘पैन इंडिया स्टार’ बनने के लिए अतिरिक्त कोशिशें करने को हां नहीं की। वह आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अपने प्रशंसकों के बीच ही खुश रहना चाहते हैं। ये बात उन्होंने सोमवार को फिल्म ‘मेजर’ के ट्रेलर लॉन्च पर भी दोहराई।

निर्देशक एस एस राजमौली के साथ प्रस्तावित महेश बाबू की अगली फिल्म तेलुगू के अलावा देश की दूसरी मुख्य भाषाओं में भी रिलीज होने के हिसाब से ही बनना प्रस्तावित है। जानकारी के मुताबिक राजामौली ने इस फिल्म के लिए कहानी के सूत्र भी इकट्ठा कर लिए हैं और इसकी पटकथा पर काम भी शुरू हो चुका है। लगातार काल्पनिक पौराणिक व ऐतिहासिक कथाएं बनाते रहे राजामौली इस बार वर्तमान में घट रही कहानी पर फिल्म बनाने वाले हैं। फिल्म एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की थ्रिलर फिल्म बताई जा रही है और इसके एक्शन सीन्स जेम्स बॉन्ड की फिल्मों सरीखे होंगे। फिल्म का बजट करीब 800 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

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