शहर में गुटखा माफिया हुआ सक्रिय

-लॉक डाउन का भय दिखाकर लोगो से ऐंठ रहे हैं ज्यादा पैसे, जमकर हो रही है गुटखे की कालाबाजारी

आगरा, (आकाश जैन)। कथित लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू के चलते आगरा शहर से लेकर देहात तक गुटखा माफिया सक्रिय हो गया है। ये माफिया लोगों को लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू का भय दिखाकर न सिर्फ लूट रहा है बल्कि गुटखे की कालाबाजारी करके अपनी तिजोरियां भर रहा है। वहीं, व्यसन के आदी लोग औने-पौने दाम में गुटखे खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुटखे की सबसे अधिक कालाबाजारी गांव- देहात के क्षेत्रों में हो रही है। बाजार में राजश्री, गोल्डमोहर और विमल गुटखा जैसे ब्रांड के विक्रेता व्यापारियों ने स्टॉक जमा कर रखा है। हालांकि, इन गुटखा के होलसेल डीलरों के यहां प्रत्येक दुकानदार के लिए माप दण्ड निर्धारित हैं। लेकिन माप दण्ड को नजरअंदाज कर व्यापारी जमकर चांदी काट रहे हैं।

राज श्री व गोल्डमोहर की प्रत्येक बोरी पर 3 हजार से 6 हजार और विमल गुटखा की प्रत्येक बोरी पर 2 हजार अतिरिक्त लिये जा रहे हैं। राज श्री, गोल्ड मोहर और विमल के डिस्ट्रीब्यूटर भी जमकर मलाई काटने में जुट गये हैं।जबकि कम्पनियों द्वारा आपूर्ति पर कोई रोक नहीं लगायी गयी है।इन होलसेल डीलरों की होड़ करते हुए कुछ बड़े दुकानदार भी मौके का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। बताया जाता है कि विगत एक हफ्ते के अंदर ही गुटखा माफियाओं द्वारा लाखों रूपये के वारे न्यारे कर लिये गये हैं।पिछले लॉक डाउन में शहर और देहातो में चुनिंदा गुटखा माफियाओं द्वाराा करोड़ों रुपये कमाये गये थे।

गांव-देहात में राज श्री गोल्डमोहर और विमल के डिस्ट्रीब्यूटर तो पूरी तरह बेखौफ हो गये हैं। उन्हें प्रशासन की कार्रवाइयों का कोई खौफ नहीं है।अपने गुप्त ठिकानों पर इन्होंने करोड़ों रुपये का गुटखा स्टॉक करके रख लिया है। इन्हें सिर्फ मौके की तलाश है।ग्राहकों के प्रति इनका व्यवहार बेहद ही नकारात्मक हो गया है। लोगों ने इनके गुप्त ठिकानों पर छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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