रोड सेफ्टी का मॉडल होंगे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद : डीजीपी

शत-प्रतिशत सीट बेल्ट व हेलमेट का प्रयोग करेंगे वाहन चालक : आराधना शुक्ला

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद को रोड सेफ्टी के मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस बाबत मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह और प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के अफसरों के साथ बैठक की और दोनों जिलों को रोड सेफ्टी के दृष्टि से मॉडल के रूप में विकसित करने पर गहन विचार विमर्श किया गया।

प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जनपदों में शत-प्रतिशत वाहन चालक हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें, इसके लिए वातावरण तैयार किया जाए। इस कार्य को दोनों जनपदों में पूर्ण करने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ ही प्रवर्तन का कार्य भी किया जाए। वाहन चालकों को यह संदेश देना होगा, ताकि सभी टू व्हीलर्स चलाने वाले वाहन चालक हेलमेट का प्रयोग करें। इसी प्रकार चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करें।

आराधना शुक्ला ने कहा कि दोनों ही जनपदों में सीएसआर के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम एवं रोड सेफ्टी के संदर्भ में बड़े स्तर की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए दोनों जनपद के जिला अधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विशेष प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि दोनों जनपदों में हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग कराने के लिए अभियान चलाकर प्रवर्तन का काम किया जाए और ऐसे प्रयास किए जाएं कि नियमों का पालन न करने वाले चालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि सुबह पार्कों में घूमने जाने वाले व्यक्तियों द्वारा हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं किया जाता है। इस संबंध में गहन अभियान चलाकर प्रवर्तन का कार्य किया जाए, ताकि इसके माध्यम से एक संदेश जा सके। इसी प्रकार स्कूलों में बच्चों को छोड़ने वाले अभिभावक हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करते हैं। यहां पर भी गहन अभियान चलाकर दोनों जनपदों में संदेश दिया जाए। शिक्षा विभाग के सहयोग से कॉलेज, विश्वविद्यालय एवं स्कूलों में रोड सेफ्टी के बाबत व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी सरकारी गाड़ियों के वाहन चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करें।

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने समीक्षा समीक्षा बैठक में पाया कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट के लिए चलाये जाने वाले अभियान के तहत मानकों से कम चालान किए गए हैं। इस संबंध में अधिकारियों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि दोनों जनपदों में अन्य जनपदों से स्थिति भिन्न है और मैनपावर की कमी है। इस संबंध में डीजीपी ने आश्वस्त किया कि दोनों जिलों के अधिकारियों द्वारा रोड सेफ्टी के संबंध में मॉडल तैयार करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्टाफ की कमी को पूरा करने का भी भरोसा दिया। डीजीपी ने दोनों जनपदों में यातायात को सुगम बनाने एवं शत प्रतिशत वाहन चालकों हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग कराने की दिशा में सीएसआर के माध्यम से भी संभावनाएं तलाशी जाएं। डीजीपी ने दोनों जनपदों के डीएम एवं एसएसपी से रोड सेफ्टी का मॉडल तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कानून व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी बीएन सिंह ने आश्वस्त किया कि जनपद को रोड सेफ्टी के मॉडल के रूप में तैयार करने के लिए जो निर्देश मिले हैं, उनका पालन कराने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने ऐसी संस्कृति का विकास करने का भी भरोसा दिया, ताकि नोएडा में सभी वाहन चालक सीट बेल्ट एवं हेलमेट का प्रयोग करें।

बैठक में एडीजी प्रशांत कुमार, आईजी यातायात दीपक रतन, आईजी रामकुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण, दोनों जनपदों के प्रशासनिक, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

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