तैयार हुआ विंटर एक्शन प्लान, सीएम केजरीवाल 4 अक्टूबर को करेंगे ऐलान : राय

- दिल्ली में आज से वन्यजीव संरक्षण सप्ताह की शुरुआत, वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक : गोपाल राय

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के लिए विंटर एक्शन प्लान तैयार हो चुका है जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 4 अक्टूबर को करेंगे। यह जानकारी असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह की शुरुआत के दौरान पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों-प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

इसके साथ ही असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में मौजूद नीली झील का प्राथमिकता के आधार पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां घूमने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग की तरफ से असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में घूमने आने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार और गाइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सभी विभागों से सुझाव आ चुके हैं।

गौरतलब है कि केजरीवाल सरकार की तरफ से वन्यजीव संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान शुरु किया गया है जो 2 अक्टूबर से लेकर 8 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। इसकी औपचारिक शुरुआत करते हुए गोपाल राय ने कहा कि ईमानदारी के प्रतीक लाल बहादुर शास्त्री का आज जन्म दिन है। महात्मा गांधी कभी चुनाव नहीं लड़े। चुनावी राजनीति में शिरकत नहीं की। लेकिन इस देश को अंग्रेजो की गुलामी की राजनीति से मुक्त कराने के लिए स्वतंत्रता संग्राम की राजनीति को जिंदगी भर जिया। महात्मा गांधी चुनाव ना लड़ने के बावजूद देश के सबसे बड़े राजनीतिज्ञ थे। लाल बहादुर शास्त्री चुनाव लड़े और प्रधानमंत्री बने, लेकिन उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के अपने मूल्यों को कभी नहीं छोड़ा। इन दो महान विभूतियों को याद करते हुए आज इस पावन दिन पर वन्यजीव संरक्षण सप्ताह की शुरुआत वन विभाग के द्वारा की जा रही है। इसके लिए सभी अधिकारियों- कर्मचारियों और पूरी टीम को बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा कि जब यहां पर बटरफ्लाई पार्क की शुरुआत हो रही थी, तब मैं आया था। दिल्ली में बहुत कम लोगों को पता है कि दिल्ली के अंदर असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में तितली पार्क भी है। जिनको तितलियों से प्रेम है उन्हें इसके बारे में बता है। वन विभाग, वन्य जीव संरक्षण के साथ-साथ हरित दिल्ली बनाने के लिए दिन रात काम कर रहा है। दिल्ली में जब से केजरीवाल सरकार बनी है तभी से पिछले 6 साल में दिल्ली के अंदर वृक्षारोपण को एक मिशन बनाया गया है। उस मिशन को सफल बनाने में वन विभाग, कृषि विभाग और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों की दिन रात मेहनत का परिणाम। पिछले 6 साल में करोड़ों पौधे दिल्ली के अंदर अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न जगहों पर लगाए गए। हमने मार्च तक 3.30 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अभी तक 2.22 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। एक मिशन और आंदोलन के रूप में यह काम हो रहा है। दिल्ली में मानकों के मुताबिक राज्य के पूरे क्षेत्रफल का 20 फीसदी ग्रीन एरिया होना चाहिए। इसके मुकाबले 22 फीसदी ग्रीन कवर विकसित किया जा चुका है। क्योंकि दिल्ली के अंदर जिस तरह से सर्दियों में प्रदूषण का प्रकोप रहता है उससे हम सब लोगों की सांसो पर संकट मंडराने लगता है। उन सांसों के संकट की रक्षा करने का नाम ग्रीन बेल्ट है। पेड़-पौधे एक ऑटोमेटिक मशीन है जो 24 घंटे बिना रुके काम करते हैं। पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए पेड़ पौधों के साथ-साथ जीव जंतुओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

गोपाल राय ने कहा कि पर्यावरण संतुलन में जीव-जंतुओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए आज से जो सप्ताह मनाया जा रहा है। हर व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकृति ने जो कुछ पैदा किया उन सबको कुछ ना कुछ काम दे कर भेजा है। प्रकृति ने एक ऐसी श्रृंखला विकसित की जिससे कि एक-दूसरे से मिलकर प्राकृतिक संतुलन बना रहे। स्वस्थ इंसान और स्वस्थ दिमाग के लिए पर्यावरण के संतुलन को विकसित करना देश की राजधानी दिल्ली का पहला कार्य बन गया है। सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार इस मिशन को पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रही है। हम कोशिश कर रहे कि प्राकृतिक तरीके से प्रदूषण को कैसे कम किया जाए। देश की पहली राजधानी है जहां पर ट्री ट्रांसप्लांटेशन पॉलिसी बनी है। पहले विकास के लिए पेड़ काटते थे, उसकी जगह पर 10 पौधे लगाते थे लेकिन उन्हें बड़े होकर पेड़ बनने में 10 से 20 साल लग जाते हैं। इसलिए सरकार ने नई तकनीकी का सहयोग लेकर पॉलिसी बनाई की जिन पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन हो सकता है उनको उसी साइज में उसी तरह से ट्रांसप्लांट किया जाए। इसके अलावा उनकी जगह पर भी 10 पौधे लगाए जाएं। मेरे ख्याल से देश के अंदर पहली बार यह पॉलिसी सरकार लेकर आई है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लेकर आए हैं। क्योंकि हमें अपने लिए भी जीना है लेकिन दूसरे की जिंदगी को खत्म करके नहीं जीना है। इस नई मानसिकता के साथ दिल्ली के लोगों को खड़ा करना पड़ेगा। दिल्ली के अंदर जो प्रदूषण पैदा होता है उसके अलावा आसपास के राज्यों का प्रदूषण भी दिल्ली को प्रभावित करता है। दिल्ली के अंदर जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट है जो सीएनजी पर चलता है, लेकिन दूसरे राज्यों में ट्रांसपोर्ट डीजल से चलता है। उसका भी इंपैक्ट पड़ता है। चारों तरफ पराली जलाई जाती है तो उसका धुंआ भी दिल्ली में आता है। इसेक अलावा दिल्ली के अंदर जो कोयले से बिजली बनती थी वो प्लांट हमने सारे बंद कर दिए। लेकिन आसपास के राज्यों में आज भी थर्मल पावर प्लांट चल रहे हैं। उसकी गैस भी दिल्ली में आती है। दिल्ली सरकार ने तय किया है कि हम अपने हिस्से की लड़ाई लड़ेंगे और दूसरों से अनुरोध करेंगे। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के साथ हुई बैठक में पंजाब हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्रियों से निवेदन किया कि हमें सहयोग चाहिए। लेकिन हम उनके सहयोग के इंतजार में नहीं बैठे हैं। हमें अपने से की लड़ाई को लड़ना है। उस दिशा में पूरी दिल्ली के अंदर वृक्षारोपण का अभियान चल रहा है।

गोपाल राय ने कहा कि एक सप्ताह का आज से वन्यजीवों के संरक्षण का जो अभियान शुरू हुआ है वह एक सहायक साबित होगा। दिल्ली के अंदर इस लड़ाई को हम आगे ले जा पाएंगे। पिछले दिनों हमने दिल्ली के अंदर अलग-अलग विभागों, निजी कंस्ट्रक्शन एजेंसी, आरडब्ल्यूए के साथ बैठक की थी। सभी लोगों से सुझाव दिया की दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर करन और प्रदूषण से लड़ने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। सभी विभागों से आ चुके हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 4 अक्टूबर को दिल्ली का आगामी विंटर एक्शन प्लान घोषित करेंगे। इसके बाद दिल्ली के अंदर युद्ध स्तर पर चौतरफा अभियान शुरू करेंगे। जिसमें व्हीकल पॉल्यूशन, डस्ट पॉल्यूशन, बायोमास बर्निग, पराली पॉल्यूशन सहित सभी प्रकार के प्रदूषण से मिलकर लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि इसमें आप का सहयोग मिले। क्योंकि यह दिल्ली हम सबकी है। यहां सांस लेना हम सबकी मजबूरी है। इसलिए इस हवा को प्यूरीफाई करना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस पूरे इलाके के अंदर ग्रीन झील है जहां पर दिल्ली के लोग घूमने आते हैं। इसका सौंदर्यीकरण सरकार अब प्राथमिकता के आधार पर करेगी। जिससे लोगों को यह महसूस हो कि आसपास अगर हरे पौधे लगाएं तो श्वांस कैसी हो सकती है। उसके लिए ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम की व्यवस्था करने जा रहे हैं। वन विभाग की तरफ से यहां घूमने आने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार की सुविधा की जाएगी। जिससे अधिक से अधिक लोग इस हवा का अनुभव कर सकें। उनको महसूस हो कि विकास के जिस टापू में रहते हैं वहां की सांसो का क्या अनुभव है और इस जंगल के अंदर क्या अनुभव है। साथ ही साथ यहां पर साइकिल ट्रैक का निर्माण किया गया है। जिससे लोग यहां आकर साइकिलिंग कर सकें। साइकिल ट्रैक का भी आज उद्घाटन हो रहा है। हालांकि यहां साइकिल ट्रैक पहले था लेकिन उसको बेहतर बनाया गया है। इसके अलावा आगामी दिनों में यहां अलग-अलग प्रतियोगिता और ट्रेनिंग कैंपों का आयोजन किया जाएगा। इस एक सप्ताह के अंदर दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर करने के लिए लोगों को जागरूक कर पाएंगे।

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