तनाव मुक्त जिंदगी पर सेमिनार: संजय द्विवेदी बोले- ‘जिसे क्षमा करना नहीं आया, वह अच्‍छा इंसान नहीं बन पाया’

-ओम शांति महज दो शब्‍द नहीं बल्कि दो शक्तियां जो आपके भीतर करते हैं ऊर्जा का संचार : संदीप मारवाह

नोएडा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मीडिया विंग की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को मीडियाकर्मियों के तनाव प्रबंधन के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया. ये सेमिनार नोएडा स्थित सदभावना भवन में हुआ. जहां 60 से अधिक मीडिया कर्मियों ने हिस्सा लिया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आईआईएमसी के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर संजय द्विवेदी, विशेष अतिथि के तौर पर एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म ऐंड टेलीविजन के प्रेसिडेंट डॉक्टर संदीप मारवाह, गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर ऑल इंडिया रेडियो के एडवाइजर उमेश चर्तुवेदी, एएनआई टीवी के डायरेक्टर महेश भाकुनी और इंडियन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन दिल्ली के प्रेसिडेंट राजीव निशाना मौजूद रहे. दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ.

कार्यक्रम में मौजूद डॉ. संदीप मारवाह ने जैसे ही अपने वक्‍तव्‍य की शुरुआत की तो पूरा वातारण दिव्‍य ऊर्जा से भर गया, उन्होंने कहा कि आपकी शुभ भावना एक पवित्र ऊर्जा बनकर औरों तक पहुंच जाती है। उस अदृश्‍य ऊर्जा को आप देख नहीं सकते,पर महसूस कर पाते हैं। लेकिन हम इस शुभ भावना को अपने भीतर दिन भर में कितनी बार और कितनी देर तक महसूस कर पाते हैं ? तनाव बार-बार हावी क्‍यों हो जाता है, हम अपने ही विचारों के कारण सरल जीवन को इतना जटिल क्‍यों बना लेते हैं, उनकी इन बातों ने मीडिया कर्मियों को काफी जागरुक किया.

उन्होंने ‘ओम शांति’ , इन दो शब्‍दों की भी महिमा का बखान किया, जिन्‍हें ब्रहमाकुमारीज ने अपनाया है। ये महज दो शब्‍द नहीं बल्कि वे दो शक्तियां हैं, जिनकी मदद से व्‍यक्ति अपनी परेशानियों से लड़ सकता है। अपने भीतर नई ऊर्जा का संचार कर सकता है। मारवाह के मुताबिक, ओम एक ध्‍वनि है, जिसे हमारे पूर्वजों ने हजारों साल पहले साधना के बल पर हमें सौंपा है।

कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि के रूप में मौजूद प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कुछ प्रमुख बिंदुओं को सामने रखा जिससे समारोह में मौजूद लोगों को उपयो‍गी मंत्र मिले। संजय द्विवेदी ने कहा, जिसे कभी क्षमा करना नहीं आया, वह अच्‍छा इंसान नहीं बन पाया। अपनी संस्‍कृति का महिमामंडन करने के साथ हमें इसे बचाने के लिए आगे आना होगा, परिवार और समाज पर काम करने की जरूरत है ताकि दुनिया में युद्ध रोका जा सके। उन्होंने कहा कि भारत को स्वर्णिम भारत बनाने के लिए सिर्फ मीडिया ही नही आगे आएगा बल्कि हर फील्ड के लोगों को आगे आना होगा, क्योंकि हर किसी की भूमिका समाज में उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी मीडिया की है. यही नहीं कार्यक्रम में मौजूद दूसरे अतिथियों ने भी तनाव मुक्त सुदंर माहौल बनाने की बात पर जोर दिया.

कार्यक्रम में उपस्थित ब्रह्माकुमारीज की वरिष्ठ राजयोगी शिक्षिकाओं ने भी जीवन में मेडिटेशन के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि यह मीडिया कर्मियों के लिए कितना मह्तवपूर्ण है. लॉरेंस रोड सेवा केंद्र की प्रभारी बीके लक्ष्मी, मंडावली सेंटर की प्रभारी बीके सुनीता ने सभी का मार्ग दर्शन किया. ग्रेटर नोएडा से आईं बीके ललिता ने सभी को मेडिटेशन का अनुभव कराया जिसके बाद समारोह का मौहाल एकदम से शांत और अलौकिक हो गया. बीके वर्षा ने आईब्रेकिंग सेशन के साथ सबके अंदर एक ऊर्जा भरी. नोएडा सेक्टर 26 की को- डायरेक्टर बीके सुदेश के नेतृत्व में कार्यक्रम का संचालन हुआ. कार्यक्रम का संचालन करने में मीडिया विंग के नेशनल कॉर्डिनेटर बीके सुशांत, बीके मेधा ने मुख्य भूमिका निभाई.

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