महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों की देख रेख के लिए जेनपैक्ट संस्था की मदद से पुलिस ने बनाया शिशुगृह

महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों की देख रेख के लिए जेनपैक्ट संस्था की मदद से पुलिस ने बनाया शिशुगृह

रिपोर्ट: नितिन चौधरी

आज नोएडा सेक्टर 39 स्थित महिला थाना के परिसर में उन महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों के पालन पोषण व देख रेख के लिए पुलिस उपायुक्त महिला एवं बाल सुरक्षा वृंदा शुक्ला और अपर पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा अंकिता शर्मा के नेतृत्व में जेनपैक्ट संस्था के सहयोग से क्रेच(शिशुगृह) का शुभारंभ किया गया। जिसका उद्धघाटन पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन, गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षा आकांक्षा सिंह एवं पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर आलोक सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर क्रेच(शिशुगृह) का उद्घाटन किया गया।

एक तरह से प्ले स्कूल की तरह का यह दअरसल शिशुगृह है

तस्बीरों में दिखने वाला ये एक तरह से प्ले स्कूल की तरह दअरसल शिशुगृह है। जोकि गौतमबुद्ध नगर में तैनात महिला पुलिसकर्मियों के छोटे-छोटे बच्चों के लिए बनाया गया है। ये कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में नगरीय थानों में कार्यरत पुलिसकर्मी ड्यूटी के समय अपने बच्चों को सुरक्षित रूप से शिशुगृह में छोड़ सकेंगे। औऱ चिंतामुक्त अपनी ड्यूटी कर सकेगी।

पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए एक क्रेच(शिशुगृह) का उद्घाटन

आपको बता दें कि पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला एवं अपर पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा के नेतृत्व में महिला थाना के परिसर में पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए एक क्रेच(शिशुगृह) का उद्घाटन पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन, गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षा आकांक्षा सिंह एवं पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर आलोक सिंह द्वारा किया गया। यह शिशुगृह जेनपैक्ट संस्था के सहयोग से नगरीय थानों में नियुक्त उन महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए बनाया गया है जिनके घर पर बच्चों की देखभाल के लिए कोई परिजन मौजूद नहीं है और मजबूरी वश उन्हें अपने बच्चों को कार्यस्थल पर साथ ले जाना पड़ता था जिस कारण उन्हें और उनके बच्चों को बहुत सारी कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

शिशुगृह में बच्चों के मनोरंजन से लेकर उनकी पढ़ाई तक का पूरा ध्यान रखा गया

शिशुगृह में बच्चों के मनोरंजन से लेकर उनकी पढ़ाई तक का पूरा ध्यान रखा गया है। यहां पर बच्चो के खेल सामग्री, उनके बैठने के लिए कुर्सी-टेबल, शिक्षण सामग्री एवं चित्रकारी, पेयजल, रसोई आदि सब व्यवस्था की गई है जिससे सभी बच्चों को एक अनुकूल वातावरण प्रदान करते हुए उनका मनोरंजन, खान-पान के साथ मानसिक विकास भी हो। यहां पर बच्चों की देखभाल के लिए केयरटेकर को भी नियुक्त किया गया है जो सभी बच्चों का ध्यान रखने के लिए विशेष रूप से सक्षम है।

पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर आलोक सिंह द्वारा अपने संबोधन में कहा कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की इस अनूठी पहल के कारण विशेषकर महिला पुलिसकर्मी ना सिर्फ तनाव मुक्त होंगी, बल्कि उनके बच्चों को भी मनोरंजन के साथ कुछ सीखने का अवसर प्राप्त होगा। पूर्व में भी पुलिस लाइन सूरजपुर में इसी प्रकार का क्रेच(शिशुगृह) संचालित है जहां पर पुलिसकर्मियों द्वारा अपने बच्चों को छोड़ा जा रहा है, आगे अन्य क्रेच शिशुगृह को भी जल्द ही शुरू किया जाएगा जिससे ज्यादा से ज्यादा पुलिसकर्मी अपने छोटे बच्चो को एक अच्छा वातावरण प्रदान कर सके और स्वयं को भी तनाव मुक्त रख सके। वही शिशुगृह में तैनात केयरटेकर के लिए कहा कि वो यहाँ बच्चों की देखभाल करते समय बच्चे की माँ तो नही बन सकती लेकिन मां का 50 प्रतिशत भी देती है तो उनकी ये पहल सफल होगी। इस मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त लव कुमार, अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय भारती सिंह, जेनपैक्ट संस्था की तरफ से विद्या श्रीनिवासन(ऑल इंडिया ग्लोबल हेड, जेनपैक्ट) व अन्य पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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