यूक्रेन में बुलंद हौसलों के बूते खतरनाक स्थिति से निकलने में कामयाब रही ईशा

लंबी जद्दोजहद और बुलंद हौसलों के बूते वह खतरनाक स्थिति से निकलने में कामयाब हो गईं

नोएडा: सेक्टर 137 स्थित पारस टियारा निवासी ईशा दत्ता रोमानिया से सोमवार दोपहर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गईं। ईशा 5 दिनों तक खारकीव में थीं। भारत सरकार की एडवाइजरी जारी होने के बाद वे अपने साथियों के साथ पेसोचिन स्थित एक स्कूल में रुकी रहीं। वहां से लंबी जद्दोजहद और बुलंद हौसलों के बूते वह खतरनाक स्थिति से निकलने में कामयाब हो गईं।
बस और कैब से 1,500 से अधिक किलोमीटर की यात्रा कर ईशा शनिवार रात करीब 8 बजे रोमानिया में एक शेल्टर होम पहुंचीं। अब उनके परिजन एयरपोर्ट पर ईशा को रिसीव कर रहे हैं। पिता संदीप दत्ता ने बताया, कोविड प्रोटोकॉल पूरा होने के साथ ही वे उसे घर लेकर आएंगे। ईशा यूक्रेन के खारकीव मेडिकल विश्वविद्यालय से एमबीबीएस कर रही हैं। बीते दिनों खारकीव में रूसी सेना के हमले के बाद ईशा ने कागज पर अपनी बेबसी का पैगाम लिखकर पिता संदीप दत्ता को वॉट्सऐप पर भेजा था। उन्होंने पत्र में अपनी स्थिति को बयान किया, जिसे पढक़र उनके घर वाले भावुक हो गए। कई दिनों तक उक्त पत्र सोशल मीडिया पर भी छाया रहा। वह कई दिनों तक भूखी-प्यासी खारकीव में बंकर में ही फंसी रही थीं। बंकर में कई दिनों तक खाने के लिए सिर्फ ब्रेड मिली। इसके बाद वह भी बंद हो गया। दोस्तों ने हौसला बढ़ाया। एडवाइजरी आने के बाद सभी स्टेशन भी गए, लेकिन ट्रेन में बैठने नहीं दिया गया। इसके बाद सभी साथी पेसोचिन की तरफ बढ़ गए। आखिर लंबी जद्दोजहद और बुलंद हौसलों के बूते वह आज स्वदेश लौट आई हैं।
कई दिनों तक सिर्फ दो से तीन मिनट हुई बातचीत
पिता ने बताया, खारकीव में 5 दिन बंकर में रहने के दौरान कई बार सिर्फ 2 से 3 मिनट ही बात हो सकी। इससे मन काफी घबरा जाता था। पेसोचिन से जब तक रोमानिया बॉर्डर नहीं पहुंचीं तब तक मन में डर कायम रहा, लेकिन बेटी ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। मुझे विश्वास था कि बेटी सही सलामत वापस आएगी। उन्होंने इंडियन गवर्नमेंट का भी आभार किया है।
रोमानिया पहुंचा अक्षांक शर्मा
यूक्रेन के खारकीव से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे मूंजखेड़ा गांव निवासी अक्षांक शर्मा बस द्वारा करीब 48 घंटे का सफर तय करने के बाद रविवार देर रात रोमानिया पहुंच गए है। पिता अशोक शर्मा ने बताया कि अब वह दिल्ली के लिए फ्लाइट मिलने का इंतजार कर रहा है। हालांकि उसका मुंबई की फ्लाइट में टिकट बुक हो गया है। लेकिन वह दिल्ली ही आना चाहता है। इसलिए टिकट को कैंसिल करने की बात कह रहा है।  पिछले करीब 8 दिनों से उनका बेटा सफर में है। जिसकी वजह से परिवार भी काफी चिंतित है। इस वजह से परिवार के लोग ढंग से खाना भी नहीं खा पा रहे हैं। परिवार के लोग उसके घर आने का इंतजार कर रहे है।

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