यूपी में सरकार बनी तो जाटवों-यादवों को करेंगे आरक्षण से बाहर : शेर सिंह राणा

-दस्यु सुंदरी फूलनदेवी की हत्या को अंजाम देने वाले राणा ने बनाई राजनीतिक पार्टी, 2022 में लड़ेंगे यूपी का चुनाव

नीलकमल

इटावा। राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य के संयोजक शेर सिंह राणा का दावा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी 130 करोड़ भारतवासियो को बहुत बड़ा धोखा दे रहे हैं। अपने संगठन का प्रचार- प्रसार करने इटावा आये शेर सिंह राणा ने कहा कि उनका दल प्रदर्शनकारी किसानो के पक्ष में खड़ा हुआ है।

उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियो को खुश करने के लिए उनकी गोद मे बैठ कर किसानो के खिलाफ जो कृषि कानून बनाये हैं, उनकी वजह से वह किसानों का विरोध करने पर आमादा है। राणा ने कहा कि भाजपा और मोदी की जनविरोधी नीतियों के कारण ही उनके सहयोगी दल उनका साथ छोड़ कर गठबंधन से बाहर जा रहे हैं।

कभी चंबल घाटी की नामी दस्यु सुंदरी रही सपा सांसद फूलनदेवी हत्याकांड के मुख्य आरोपी शेर सिंह राणा अपनी राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य के नाम से राजनैतिक दल बनाकर आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़कर अपनी किस्मत को आजमाने की कोशिश में जुटे हुए है।

उन्होंने अपनी पार्टी के जरिये प्रदेश के 403 विधानसभा सीटो पर अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई छोटे बड़े राजनैतिक दलों से गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है यदि किस राजनैतिक दल से बात नही बनती है तो वह खुद अपने दल के जरिये यूपी की सीटो पर चुनाव लड़ेंगे। राणा ने कहा कि प्रदेश में दलितों मुस्लिमो और राजपूतो की दम पर उनकी सरकार बनेगी। सरकार बनने पर ओबीसी में यादव और दलितों में जाटव बिरादरी को दस साल के लिए आरक्षण से बाहर कर दिया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी ने अडानी अम्बानी जैसे उद्योगपतियो को लाभ पहुंचाने के लिए कृषि कानून बनाया है यह कानून देश के किसानों और देश की 130 करोड़ जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है। कानून के विरोध में बैठे किसान संगठनों के साथ वह मजबूती से खड़े हुए है। उन्होंने कहा कि इस कानून की वजह से देश के कई घटक दल बीजेपी का साथ छोड़कर जा चुके है और आगामी चुनाव में जनता इन्हें छोड़ देगी।

राणा ने कहा कि उन्होंने अपने राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य के जरिये हरियाणा और बिहार में चुनाव लड़ा जहाॅ पर जनता ने उनके दल को समर्थन भी किया । इसी क्रम में अब वह अपने दल के माध्यम से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी में 403 सीट और उत्तराखंड में 70 सीटो पर अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारेंगे और अपने घोषणापत्र के जरिये यूपी में चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई छोटे बड़े दलों से उनकी बात चल रही है जिनके साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने की संभावना है। यदि किसी दल से उनकी बात नही बनती है तो वह खुद अपने दल के जरिये यूपी और उत्तराखंड में चुनाव लड़ेंगे और अपनी सरकार बनाएंगे।

उन्होंने सपा प्रमुख मुलायम सिंह और बसपा प्रमुख मायावती पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं ने अपनी सरकार आने पर जाति विशेष के लोगो को लाभ पहुंचाया है जिससे अन्य वर्ग के लोग लाभ से वंचित रहे गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने पर वह ओबीसी से यादव और दलितों में जाटव बिरादरी को आरक्षण की सूची से दस वर्ष के लिए बाहर कर देंगे।

गौरतलब है कि दुनिया भर में सामूहिक नरंसहार के लिए चर्चित बेहमई हत्याकांड की आरोपी दस्यु सुंदरी फूलनदेवी की हत्या के बाद शेर सिंह राणा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए थे। वह दूसरी बार चर्चा में तब आये थे जब वह अपनी जान हथेली पर रखकर अफगानिस्तान के कंधार से हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लेकर भारत आये थे।फूलनदेवी की हत्या की सजा काट चुके शेर सिंह राणा अब राजनीति में आकर देश मे नया बदलाव लाना चाहते हैं।

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