वंचितों व उपेक्षितों की सेवा के प्रति भारत विकास परिषद ने दोहराई वचनबद्धता

-भारत विकास परिषद् की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक पीतमपुरा दिल्ली में संपन्न

नई दिल्ली। सेवाकार्यो में सबसे अग्रणी संस्थाओं में से एक भारत विकास परिषद् की सर्वोच्च प्रतिनिधि सभा की दो दिवसीय बैठक का समापन रविवार को हुआ। पीतमपुरा स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक में देशभर के 36 प्रांतों से लगभग 300 प्रतिनिधियो ने भाग लिया और देशभर में चल रही परियोजनाओं (सेवा, संस्कार, संपर्क, समग्र ग्राम विकास, महिला एवं बाल विकास और पर्यावरण) का विस्तृत ब्यौरा राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष पेश किया।

बैठक में परिषद् के ध्येय – समृद्ध वर्ग एवं बुद्धिजीवीयो को संगठित करके वंचित व उपेक्षित वर्ग के लिए सेवा कार्य करने के अपने संकल्प को और मज़बूती से आगे बढ़ाने के लिए सभी प्रतिनिधियों ने अपनी वचनबद्धता को सुदृढ किया। इस समय परिषद् द्वारा देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलम्बन एवं सामाजिक कार्यो के लिए लगभग 1,680 स्थायी प्रकल्प चलाये का रहे है, जिसमे स्वास्थ्य जांच शिविरों में लगभग 5 लाख लाभार्थी रहे और विशेषकर जम्मू एवं कश्मीर में विभिन्न स्थानों में चल रहे आत्मनिर्भर केन्द्रो में 7,400 लाभार्थी रहे, और उत्तर-पूर्व क्षेत्रो में 40,000 से अधिक कम्बलों एवं गर्म वस्त्रो का वितरण किया गया।

शनिवार 26 मार्च को आरंभ बैठक का विधिवत शुभारम्भ राष्ट्रीय अध्यक्ष गजेंद्र सिंह संधू द्वारा केंद्रीय कार्यालय के प्रांगण में ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ और राष्ट्रीय महामंत्री श्याम शर्मा द्वारा द्विवार्षिक रिपोर्ट पेश की गयी और उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा की कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्ष मानवता द्वारा के लिए बहुत ही संघर्षपूर्ण रहे, जिसमे परिषद् के देशभर से कार्यकर्ताओ ने बड़े ही मनोयोग से मानवता की तन मन धन से पूर्ण सेवा करी है। परिषद् द्वारा महिलाओ के स्वास्थ्य हेतु देशभर में चलाये जा रहे एनीमिया मुक्त भारत अभियान को गति देते हुए आज़ादी के अमृतमहोत्सव पर 75 बहुउद्देशीय एम्बुलेंस देशभर में चलायी जाएँगी और लगभग 50 लाख परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया जायेगा।

इन बहुउद्देशीय एम्बुलेंस में स्वास्थ्य के साथ साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के लिए महिलाओं की जागरूकता एवं कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधाएं भी रहेंगी। साथ ही परिषद् द्वारा देशभर से 2 लाख कार्यकताओ का ब्लड डोनर बैंक भी बनाया जायेगा। राष्ट्रीय वित् सचिव श्री सम्पत खुरादिया जी ने परिषद् के वित् का लेखा जोखा साझा किया और शाखाओँ को भविष्य में कैसी कार्यप्रणाली अपनानी चाहिए उसके लिए प्रेरित किया।

रविवार, 27 मार्च को बैठक के समापन सत्र में भारत विकास परिषद् को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह मुकुंद राव का सानिध्य मिला और उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत विकास परिषद के 3 शब्दों में ही भारतीय सनातन मूल्यों, सांस्कृतिक सभ्यता एवं राष्ट्रप्रेम के तहत व्यक्ति के स्वयं का चारित्र निर्माण व देश सेवा के कार्य समाहित है, और परिषद को निरंतर सभी भिन्न वर्गों को साथ में लेकर समरसता के साथ राष्ट्र के उत्तम स्वास्थ्य, संस्कारित सम्पन्नता एवं विकास कार्यो के लिए आत्मीयता से आगे बढ़ते रहना है और हम सभी को अनावश्यक जरूरतों के लिए पर्यावरण या अन्य संसाधनों का दोहन नही करने के लिए वचनबद्ध रहना चाहिए।

बैठक में राष्ट्रीय संरक्षक एवं इंद्रप्रस्थ विश्विद्यालय के संस्थापक कुलपति श्री के के अग्रवाल उपस्थित रहे। परिषद के आगामी दो वर्षो के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्वाचन करते हुए गजेंद्र सिंह संधू को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्याम शर्मा को पुनः राष्ट्रीय महामंत्री, महेश बाबू गुप्ता को राष्ट्रीय वित् मंत्री एवं वरिष्ठ प्रचारक सुरेश जैन को पुनः राष्ट्रीय संगठन मंत्री को दायित्व के लिए आम सहमति से नियुक्त किया गया। सुरेश जैन द्वारा सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों को संगठन विस्तार के लिए संपर्क, पारिवारिक मूल्यों के महत्व एवं परिषद के सेवा कार्यो द्वारा देशभर में सामाजिक एकता एवं समरसता के लिए प्रेरित किया।

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