यमुना प्राधिकरण 4500 हेक्टेयर में विकसित करेगा हरित क्षेत्र

यहां रहने वाले लोगों को मिल सकेगा बेहतर हवा पानी

अभिषेक ब्याहुत 

नोएडा: यमुना प्राधिकरण के मास्टर प्लान-2041 में हरित क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। ताकि यहां रहने वाले लोगों को बेहतर हवा-पानी मिल सके। इसके लिए ग्रीन बफर जोन (हरित क्षेत्र) विकसित करने की योजना है। इसमें यमुना नदी, अन्य जल श्रोत, वेट लैंड व वन विभाग के क्षेत्र को आपस में जोड़ा जाएगा। यह क्षेत्र करीब 4500 हेक्टेयर का होगा। इससे शहर हरा-भरा होगा और वायु प्रदूषण की समस्या नहीं रहेगी।
यमुना प्राधिकरण का 2041 का मास्टर प्लान बन गया है। इस प्लान में हरित क्षेत्र को बढ़ाया गया है। यीडा सिटी में 35 प्रतिशत हरित क्षेत्र होगा। इससे लोगों को बेहतर हवा-पानी मिल सकेगी। मास्टर प्लान में ग्रीन बफर जोन विकसित किया जाएगा। इस बफर जोन में यमुना नदी, नहर, पोखर, झील, वेट लैंड व वन विभाग के क्षेत्र को आपस में जोड़ा जाएगा। इन सभी के आपस में जुड़ने से हरित क्षेत्र बढ़ेगा। यह यीडा सिटी का फेफड़ा (सिटी ऑफ लंग्स) बन जाएगा। इस नये क्षेत्र के विकसित होने से पर्यावरण भी दुरुस्त रहेगा। साथ ही शहर में एक नया पिकनिक स्पॉट भी बनेगा।
वन क्षेत्र का संरक्षण हो सकेगा
तालाब, झील, पोखर, वन क्षेत्र में अतिक्रमण की आशंका अधिक रहती है। इसका विकास होने से यहां अतिक्रमण नहीं हो सकेगा। साथ ही इनका संरक्षण भी होगा। इससे दोहरा फायदा होगा। आम जन भी इसका फायदा उठा सकेंगे। यह क्षेत्र बहुउपयोगी साबित होगा।
छह प्रतिशत बढ़ा है हरित क्षेत्र
मास्टर प्लान-2041 में हरित क्षेत्र 35 प्रतिशत कर दिया गया है। मास्टर प्लान 2021 में हरित क्षेत्र 29 प्रतिशत रहा है। एनसीआर में सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। इसको देखते हुए हरित क्षेत्र बढ़ाया गयाहै। इससे शहर हरा-भरा रहेगा। और प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी।
मास्टर प्लान 2041 में ग्रीन बफर जोन विकसित किया जाएगा। यह करीब 4500 हेक्टेयर का क्षेत्र होगा। इससे शहर और हरा-भरा होगा।
डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण

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